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सामने बैठे पाक PM इमरान को तालिबान के कट्टरपन पर खरी-खरी सुना गए मोदी

दुशांबे/नई दिल्ली
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सालाना बैठक ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक को वर्चुअली संबोधित किया। मोदी जब बोल रहे थे तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी उन्हें सुन रहे थे। पीएम मोदी ने अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से जुड़ी चुनौतियां बढ़ता हुआ कट्टरपंथ हैं। मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान के हालात इस चुनौती को और स्पष्ट करते हैं। प्रधानमंत्री ने SCO बैठक में क्या-क्या कहा, आइए जानते हैं।


12.10 PM:
भारत सेंट्रल एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मानना है कि लैंडलॉक्ड सेंट्रल एशियाई देशों को भारत के विशाल बाजार से जुड़ कर अपार लाभ हो सकता है। कनेक्टिविटी की कोई भी पहल वन-वे स्ट्रीट नहीं हो सकती। आपसी विश्वास सुनिश्चित करने के लिए कनेक्टिविटी प्रॉजेक्ट्स को परामर्शदायी, पारदर्शी और सहभागी होना चाहिए। इनमें सभी देशों की टेरीटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान निहित होना चाहिए:
पीएम मोदी


12.07 PM:
चाहे वित्तीय समावेश बढ़ाने के लिए UPI और रूपे कार्ड जैसी तकनीकें हों, या COVID से लड़ाई में हमारे आरोग्य-सेतु और COWIN जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, इन सभी को हमने स्वेच्छा से अन्य देशों के साथ भी साझा किया है:
पीएम मोदी


12.05 PM:
भारत में और SCO के लगभग सभी देशों में, इस्लाम से जुड़ी संयमित, सहिष्णु और समावेशी संस्थाएं और परम्पराएं हैं। SCO को इनके बीच एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने के लिए काम करना चाहिए। इस संदर्भ में मैं SCO के RATS mechanism द्वारा किये जा रहे उपयोगी कार्य की प्रशंसा करता हूं:
पीएम मोदी


12.00 PM:
मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और ट्रस्ट-डेफिसिट से संबंधित है। और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ रेडिकलाइजेशन है। अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है:
पीएम मोदी


11.58 AM:
इस साल हम SCO की भी 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह खुशी की बात है कि इस शुभ अवसर पर हमारे साथ नए मित्र जुड़ रहे हैं। मैं ईरान का SCO के नए सदस्य देश के रूप में स्वागत करता हूं। मैं तीनों नए डायलॉग पार्टनर्स– साऊदी अरब, इजिप्ट और कतर का भी स्वागत करता हूं:
पीएम मोदी